Civil Services (Preliminary) Examination 2018; UPSC continue to exhibit an insatiable thirst for quality
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सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2018 - गुणवत्ता के लिए यू.पी.एस.सी. का एक निष्ठावान प्रयास जारी

admin Last Update on: 30 Jun 2020

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3 जून, 2018 को आयोजित सिविल सर्विसेज (प्रारंभिक) परीक्षा 2018 सामान्य अध्ययन प्रश्न-पत्र 1 अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए लक्ष्य पर रहा है.

यह फिर से एक बहुत ही रचनात्मक और अभिनव प्रश्न-पत्र रहा है और इसमें पर बार की तरह 100 प्रश्न हैं. यह एक खेल है दबाव का, यह तो हम सब जानते ही हैं.

यह एक ऐसा प्रश्न-पत्र है जिसमें केवल अच्छी तरह से तैयार और मजबूत मानसिकता वाले उम्मीदवार ही मुस्कुराते हुए परीक्षा भवन से निकले होंगे. यह उस तरह की स्थिति है जहाँ केवल टिके रहना महत्वपूर्ण है और जो अंत तक जूझ कर बच निकले.


जब मैंने प्रारम्भिक परीक्षा प्रश्न-पत्र 1 देखा, तो इसने मुझे पिछले वर्ष प्रारम्भिक परीक्षा 2017 के लिए किए विश्लेषण की याद दिला दी, "शांत एवं मानसिक संतुलन के साथ, योग्य उम्मीदवार अगले स्तर पर पहुँच जाएंगे" मुझे लगता है कि यह इस वर्ष की प्रारंभिक परीक्षा के लिए भी यह एक आदर्श शीर्षक हो सकता है.

शीर्ष सेवाओं के लिए उम्मीदवारों की गुणवत्ता के लिए यू.पी.एस.सी. एक सरगर्म, निष्ठावान प्रयास प्रदर्शित करना जारी रखे है और आयोग का इरादा स्पष्ट है.

संचित ज्ञान और सामान्य जागरूकता के अलावा, यह उम्मीदवार की मजबूत पकड़, शांत एवं संतुलित मनोस्थिति और आत्म-नियंत्रण से निबटने की परख करता दिखता है. यहाँ ऐसे उम्मीदवारों को मदद मिली होगी जो बुद्धिमानी से इस तरह के तनावपूर्ण वातावरण में इन लक्षणों का उपयोग करते हैं.

यू.पी.एस.सी. ने परख के इस मौके में कोई कसर नहीं छोड़ी

यह प्रश्न-पत्र आसान बिल्कुल नहीं है; लेकिन, जहां तक ​​इस परीक्षा के स्तर को ध्यान में रखा जाता है, यह एक उत्कृष्ट नमूना है. हाँ, यह ज़रूर है कि इसतरह के प्रश्न-पत्र उम्मीदवारों को तनाव और अक्सर परेशान करते हैं.

यह एक ऐसा प्रश्न-पत्र है जिसमें केवल अच्छी तरह से तैयार और मजबूत मानसिकता वाले आत्म-प्रेरित उम्मीदवार ही मुस्कुराते हुए परीक्षा भवन से निकले होंगे. यह उस तरह की स्थिति है जहाँ केवल टिके रहना महत्वपूर्ण है और जो अंत तक जूझ कर बच निकले.

आप इसे फिर से यू.पी.एस.सी. की अप्रत्याशितता कह सकते हैं; लेकिन, मैं इसे नवाचार के रूप में देखता हूं जो कि बहुत आवश्यक है ताकि उम्मीदवार एक सेट पैटर्न पर महारत न हासिल कर सके और हर बार कुछ असामान्य और कर्मठता ढूंढ सके. आयोग की इस प्रवृत्ति को इतनी आसानी से खोजना मुश्किल है और हर किसी के बस में भी नहीं.

मैं स्पष्ट हूं कि परीक्षकों को उन चीजों के बारे में जानने में रुचि है जो आप जानते हैं या शायद अनुमान लगा सकते हैं; लेकिन, यह सब आपके सामने आता है कुछ नए आयामों के साथ.

चलो प्रत्येक घटक के बारे में बात करते हैं

पिछले वर्ष के विपरीत सरल प्रश्न जो आम तौर पर राहत देते हैं, आपेक्षाकृत कम हैं. इसप्रकार के प्रश्न शुरू में गति बढ़ाने में मदद करते हैं. वर्तमान घटनाओं और समकालीन मुद्दों से संबंधित लगभग 20 प्रश्न अभी भी यहाँ दिखे जो अच्छी तैयारी वाले उम्मीदवारों की पहुंच के भीतर होने चाहिए.

इस बार इतिहास खण्ड़ में 13-14 प्रश्नों के साथ बढ़त रही; अर्थव्यवस्था और राजव्यवस्था के प्रश्न भी कई हैं. भूगोल, पारिस्थितिकी और पर्यावरण के प्रश्नों में आपेक्षाकृत कम योगदान दिख रहा है. सामान्य विज्ञान में से भी कुछ प्रश्न हैं.

प्रवृत्ति को जारी रखते हुए सरकारी उपक्रम, नीतियों और योजनाओं और संस्थानों से संबंधित कुछ प्रश्न हैं.

यदि मैं रणनीति के बारे में बात करता हूं तो अधिकांश स्मार्ट उम्मीदवार पहले दौर में लगभग 45-50 प्रश्नों, जो 100 प्रतिशत सुनिश्चित हैं, को सुरक्षित करने के लक्ष्य को अपनाते हैं, इस बार यह इतना आसान नहीं रहा होगा और यहां तक ​​कि प्रतिभावान उम्मीदवारों को भी परीक्षा-कक्ष में बैठे अपनी रणनीतियों पर पुन: कार्य करना पड़ा होगा.

आम तैयारी की रणनीति जो उम्मीदवार सामान्यतः अपनाते हैं

सामान्य अध्ययन के लिए तैयार के संदर्भ में अभ्यर्थी सूचना और पाठ्य-सामग्री कई स्रोतों से एकत्र करते हैं.

कई उम्मीदवारों से बात करते हुए मैंने ग़ौर से देखा है कि ज्यादातर उम्मीदवार समसामयिकी की तैयारी के लिए विभिन्न कोचिंग संस्थानों द्वारा प्रकाशित करंट अफेयर्स के नोट्स और पुस्तिकाओं पर बहुत अधिक निर्भर करते हैं.

यू.पी.एस.सी. का दृष्टिकोण बहु-आयामी है जो आंतरिक रूप से अवधारणात्मक और पूर्ण स्पष्टता को शामिल करता है. अंतर्दृष्टि और विवरण पर ध्यान देने के साथ इसकी तैयारी में सावधानीपूर्वक और अध्ययन दृष्टिकोण की आवश्यकता है.

इस प्रश्न-पत्र के प्रयास के बाद ऐसे उम्मीदवारों ने व्यापक कवरेज की आवश्यकता को स्पष्ट रूप से समझ लिया होगा कि विषयों/मुद्दों की पूरी समझ आवश्यक है जो इस परीक्षा की आधारभूत ज़रूरतों में शामिल हैं.

आपको क्या करना चाहिये?

अगले स्तर - मुख्य परीक्षा की तैयारी जारी रखें. बहुत ज्यादा मत सोचें. यह प्रारम्भिक परीक्षा प्रश्न-पत्र आने वाली चीजों का संकेत है; आपको मुख्य परीक्षा में बहुत कठोर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रहना होगा.

आपका अलग-अलग मतों वाले व्यक्तियों से सामना होगा जिनमें से कुछ की इस प्रश्न-पत्र के बारे में गहन आलोचना शामिल होगी या फिर मेरे जैसे कुछ लोग जो अल्पमत में हैं जो मानते हैं कि यू.पी.एस.सी. के दृष्टिकोण की सराहना करनी चाहिये; मुझे लगता है कि सभी के विचारों का इस तथ्य पर अभिसरण होना चाहिए कि यू.पी.एस.सी. अपना कार्य स्मार्ट तरीके से बखूबी कर रहा है.

कोचिंग संस्थानों के द्वारा प्रस्तुत उत्तर-कुंजी का पीछा करना व्यर्थ होगा, इसके साथ जुड़े उनके नुजी हित को देखते हुए, वे फिर से अपनी बुद्धि दिखाएंगे और अपना विश्लेषण प्रस्तुत करेंगे. पर आपके लिए यह उत्तर-कुंजी इस समय भ्रमित करने को काफी हैं; यह निश्चित रूप से आपको मझधार में छोड़ देगी जिससे आपकी आगे की यात्रा बुरी तरह प्रभावित हो सकती है.

तथ्य यह है कि आपका भाग्य भविष्य के आंचल में बंद हो गया है और अब, केवल परिणाम ही आपके प्रदर्शन के बारे में बताएगा.

आपने अपने हिस्सा का कार्य पूरी निष्ठा से किया है; अब अपनी किस्मत पर भरोसा रखों.

आपकी सफलता की कामनाओं सहित!

 




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